
चरवाहों की निगाह में शहर
क्या आपने अपने शहर में चरवाहों को आते-जाते देखा है? अब तक की ज़िंदगी में उन्हें कहां-कहां देखा है? हम में से बहुत सारे लोगों के लिए इन सवालों का जवाब ‘न’ भी हो सकता है क्योंकि असल में चरवाहों की आजीविका को विकास के एजेंडे में अलग-थलग या अजीब माना जाता है. शहरीकरण की हमारी कल्पना में वे सिरे से गायब दिखाई देते हैं.








